Monthly Archives: April 2018

Hindi Poetry- जाने किस कशमकश में जिंदगी गुजरती जा रही है !!

By | April 28, 2018

जाने किस कशमकश में जाने किस कश्मकश में, जिंदगी गुजरती जा रही है, न जाने मैं अपना न पाई या, जिंदगी मुझे आजमाती रही, बहुत हीं कच्ची डोर में, ये पतंग फँसी हुई है, न जाने किस गुमाँ में, उड़ती चली जा रही है, नादान है जिन्दगी या, मुझे कुछ समझा रही है , न जाने… Read More »

इस गर्मी में ऐसे करे अपना वजन कम

By | March 22, 2020

  गर्मी में सबसे ज्यादा हमें पसीने की समस्या से जूझना पडता है, और ऐसे मौसम में अगर वजन घटाने की बात की जाये तो और पसीने छूट जाते हैं। लेकिन इस मौसम में अगर वजन घटाया जाये तो वह काफी लाभदायक साबित होगा। यहां पर हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहें हैं जिससे… Read More »

कुछ तो बात है कि अब बात नहीं करते हम !! Latest Hindi Ghazal

By | April 26, 2018

कुछ तो बात है कि अब बात नहीं करते हम, असर ये है कि अब खुद से मुलाक़ात नहीं करते हम। उनकी तफ़्तीश गवारा भी नहीं पर उनसे, बेतकल्लुफ़ भी सवालात नहीं करते हम। कहेगा ज़माना गरीब हो, बस यही सोचकर, बेवज़ह आंखों से बरसात नहीं करते हम। घोंपा था जिसने खंज़र वो रक़ीब नहीं… Read More »

खामोशी में एहसास-ए-कारवाँ- हिंदी ग़ज़ल

By | April 15, 2018

खामोशी खामोशी में एहसास-ए-कारवाँ,छुपा होता है,खामोश निगाहों में दिल-दीवाना,छुपा होता है,खामोश अरमानों में दर्द पुराना,छुपा होता है,खामोश काली घटाओं में,बादल-बिजली का अफसाना,छुपा होता है,खामोशी गर दूर तक साथ निभाए,तो समझों दास्ताँ-ए-राज़ गहरा है,सताए,समाज के हथकंडों का,समय पर गहरा पहरा है जमाए,खामोश हों राहें, तो आहें दे रहीं सदाएँ, खामोशी अपने राज़ खुद बयाँ करती है,खामोशी… Read More »

”गणित का सूत्र” Short Motivational Story in Hindi

By | April 13, 2018

एक राजा ने बहुत ही सुंदर ”महल” बनवाया और महल के मुख्य द्वार पर एक ”गणित का सूत्र” लिखवाया….एक घोषणा की कि इस सूत्र से यह ‘द्वार खुल जाएगा …और जो भी इस ”सूत्र” को ”हल” कर के ”द्वार” खोलेगा में उसे अपना उत्तराधीकारी घोषित कर दूंगा।राज्य के बड़े-बड़े गणितज्ञ आये और सूत्र देखकर लौट… Read More »

कृतज्ञता दिव्य शक्ति है- Best Spiritual Essay Hindi

By | April 9, 2018

 कृतज्ञता बहुत डिवाइन, बहुत दिव्य बात है। हमारी सदी में अगर कुछ खो गया है, तो कृतज्ञता खो गयी है, ग्रेटीटयूड खो गया है। आपको पता है, आप जो श्वास ले रहे हैं, वह आप नहीं ले रहे हैं। क्योंकि श्वास जिस क्षण नहीं आएगी, आप उसे नहीं ले सकेंगे। आपको पता है, आप पैदा… Read More »

इंसान जाने कहां खो गये- हिंदी कविता

By | April 8, 2018

इंसान जाने कहां खो गये- “जाने क्यूंअब शर्म से, चेहरे गुलाब नही होते।जाने क्यूंअब मस्त मौला मिजाज नही होते। पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें।जाने क्यूंअब चेहरे, खुली किताब नही होते। सुना हैबिन कहेदिल की बातसमझ लेते थे।गले लगते हीदोस्त हालातसमझ लेते थे। तब ना फेस बुकना स्मार्ट मोबाइल थाना फेसबुकना ट्विटर अकाउंट… Read More »

क्या आप जानते ! हिंदुस्तान के सब भगवान राजाओं के लड़के क्यों हुए.?

By | April 6, 2018

मनुष्य ने जितनी सभ्यता विकसित की है वह श्रम से मुक्त हो जाने के लिए की है। जब भी कुछ लोग श्रम से मुक्त हो गये तो उन्होंने काव्य रचे, गीत लिखे, चित्र बनाये, संगीत का सृजन किया, परमात्मा की खोज की। इस प्रकार आदमी जितना श्रम से मुक्त होता है उतना ही उसे धर्म,… Read More »

आरक्षण पर शानदार हिंदी कविता

By | April 2, 2018

आरक्षण पर शानदार हिंदी कविता करता हूँ अनुरोध आज मैं, भारत की सरकार से,प्रतिभाओं को मत काटो, आरक्षण की तलवार से…वर्ना रेल पटरियों पर जो, फैला आज तमाशा है,जाट आन्दोलन से फैली, चारों ओर निराशा है… अगला कदम पंजाबी बैठेंगे, महाविकट हडताल पर,महाराष्ट में प्रबल मराठा , चढ़ जाएंगे भाल पर… राजपूत भी मचल उठेंगे,… Read More »