शुक्राणुओं की संख्या को स्वाभाविक रूप से बढ़ाने के तरीके कई दशकों से, शोधकर्ताओं ने ज्ञात किया है कि अधिकतर पश्चिमी देशों में शुक्राणु की गुणवत्ता और प्रजनन दर में गिरावट आई है। सन 2017 के एक अध्ययन के अनुसार, 1 9 73
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दांतों को मजबूत बनाने के उपाय- हमारे शरीर के लिए जितनी बाहरी सुंदरता और स्वच्छता आवश्यक है, ठीक उसी प्रकार हमारे शरीर की भीतरी सुंदरता भी आवश्यक है। हम बाहर से सुंदर दिखने के लिए क्या कुछ नही करते परंतु हम यह
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ये जीवन एक सपना है, सपने में हीं सोते ,सपने में हीं जगते हम, सपने में हीं जीते,सपने हीं में मरते हम सपने के लिए हीं मानव , हर पल तत्पर रहते, सपने हीं मनोरंजन करते, सपने हीं दुख देते, सपने के
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मस्तिष्क के तीन हिस्से और सक्रिय ध्यान – एक वैज्ञानिक शोध- हमारे तीन मस्तिष्क होते है – पहले को रेप्टाइल ब्रेन कहते है ,यह सबसे आदम मस्तिष्क है और इसका संबंध सेक्स ,निद्रा ,भोजन ,आक्रमण इत्यादि से है | देह मन रूप
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भगवान महावीर जयंती  और जीवन का इतिहास Vardhamana Mahavira Life History Hindi भगवान महावीर का जन्म ५९९ ई.पू. में बिहार राज्य में वैशाली के पास कुण्डिनपुर ग्राम में चेत्र शुक्ल त्रयोदशी के दिन हुआ था | उनके पिता क्षत्रिय वंश के थे,
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भूल जाना कोई बिमारी नहीं ,भूलने की प्रवृति जीवन के लिए उतनी ही जरुरी है जितना की याद रखने की | फुलर नाम के एक व्यक्ति कहा है – युगों से अनुरक्त पिरामिड भी एक दिन अपने बनाने वाले के नाम विस्मृत
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चलो उठो ये प्रण कर लें हम भारत को स्वच्छ बनाना है,धरती माँ के आँचल कोहरियाले,फल-फूलों से सजाना है,प्रदूषण की जहरीली हवा सेपर्यावरण को मुक्त बनाना है,तन स्वच्छ तो करते सब हैंमन को स्वच्छ बनाना है। चलो उठो ये प्रण कर लें
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संसार के सभी महान कार्य और महान कृतियों का सृजन एकांत में ही हुआ है इसलिए अपने जीवन में कुछ समय प्रतिदिन एकांत –चिंतन के लिए अवश्य बिताए | कितना समय व्यर्थ के बकवाद ,परनिंदा ,दोषदर्शन में नष्ट किया है ? वासना
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त्याग क्या है और त्याग की आत्मिक भावना कैसी होनी चाहिए ? वास्तविक त्याग की भित्ति है जगत में कर्म करना और जीवन यापन करना न की घर परिवार छोडकर जंगल में भाग जाने मात्र से ही आप सांसारिक जीवन की सचाई
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अखंड भारत की ओर आघातों की राहों में सुन्दर मुस्कान बढाता जा, राष्ट्रदूत हे वीर व्रती भारत को भव्य सजाता जा, सुस्थिरता को लाता जा । अगणित कर्तव्यों के पुण्य पथ पर शील, मर्यादाओं के शिखर पर धन्य ! स्वाभिमानी वीर प्रखर
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