Monthly Archives: October 2017

सकारात्मक विचारों की शक्ति

By | October 31, 2017

विचारों में भी बहुत शक्ति होती है , हालांकि कुछ लोग इस तथ्य से परिचित न होने के कारण बिना सोचे समझे कुछ भी सोचते विचारते रहते है | जिसका हमारे जीवन पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है | विचार एक प्रकार का आंतरिक संवाद है ,जिसे हम अपने आप से करते है |… Read More »

मानव शरीर की विधुतीय क्षमता Electrical Current in Human Body

By | October 31, 2017

मानवीय काया की क्षमता एवं प्रभाव अद्भुत एवं आश्चर्यजनक है | सामान्य – सी दिखने वाली इस  काया में हैरतअंगेज एवं चमत्कारी प्रभाव परिलक्षित होते है | कुछ इंसानों में इतनी अधिक विधुत होती है कि उन्हें  विधुत मानव की संज्ञा के पुकारा जाता है | विधुत मानव आने वाले पदार्थो को प्रभावित करती है… Read More »

विश्वास ही व्यक्तित्व विकास का आधार

By | October 29, 2017

विश्वास हमारे व्यक्तित्व की ऐसी विभूति है जो आश्चर्यजनक ढंग से हमसे बड़े से बड़े और महान कार्य करा लेती है | जीवन में विश्वास के दो रूप है – आत्मविश्वास और ईश्वरविश्वास | ये  एक ही सिक्के के दो पहलू है , परन्तु विश्वास यों ही पैदा नहीं हो जाता | विचार और भाव… Read More »

सब्जियों और फलों के रस के फायदे

By | October 28, 2017

सब्जियों और फलो के रस की उपयोगिता   चाय,मदिरा ,या अन्य बाजारू सोफ्ट ड्रिंक्स स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है  यदि इन सब पेय पदार्थ  को त्याग दे तो आखिर पिए क्या ? क्या कोई ऐसा पेय पदार्थ भी  है जो हानिकारक नहीं है ? जी हाँ ऐसे अनेक पेय पदार्थ है , जो न केवल… Read More »

शहरों का अस्तित्व गाँव की खुशहाली में

By | October 28, 2017

शहरों का अस्तित्व गाँव की खुशहाली में नई अर्थनीति के अनुसार यदि औद्योगिक पूंजीवाद में भारतीय गाँवों का भविष्य ठीक नहीं है तो प्रश्न उठता है की की इससे शहरों का कोई अच्छा भविष्य दिखने वाला है ? आए दिन शहरों की समस्या भी गंभीर होती जा रही है जो शहर कुछ कम आबादी वाले… Read More »

क्रोध पर ऐसे करे नियंत्रण How to Control Anger Issues

By | October 27, 2017

क्रोध से सभी परिचित है  किसी – किसी को क्रोध इतना तेज आता है की बाद में वह स्वयं पर शर्मिंदा होता है | हर कोई अपने क्रोध पर नियंत्रण करना चाहता है , लेकिन क्रोध आने पर नियन्त्रण करना तो दूर की बात , वह कुछ भी सोचने की स्थिति में नहीं  रहता |… Read More »

व्यक्तित्व विकास स्वामी विवेकानन्द के विचारो पर आधारित

By | October 26, 2017

जीवन का लक्ष्य सुख नहीं वरन ज्ञान है ! मनुष्य जीवन का अंतिम लक्ष्य सुख नहीं वरन ज्ञान है सुख और आनन्द दोनों ही विनाशी है अत: सुख को चरम लक्ष्य मान लेना भूल है | संसार से सभी दु:खो का मूल यही है की मनुष्य मूर्खता वश सुख प्राप्ति को ही अपना लक्ष्य मान… Read More »

बच्चो में निराशा के कारण Causes Depression in Children

By | October 25, 2017

चिंतन हमारे विचारो , क्रियाकलापों व् व्यवहारों की जननी है | विधेयात्मक चिंतन हमे स्वस्थ ,उतम व् उच्च स्तर का जीवनयापन करने की प्रेरणा देता है और निषेधात्मक चिंतन हमे पतन , पराभाव और निकम्मा बना देता है | आजकल परीक्षाफल आने से पूर्व या परीक्षा में कम अंक मिलने पर बच्चो में निराशा छाने… Read More »

How to Become an Optometrist | Optometrist Career, Salary

By | October 23, 2017

आँखों की जांच करके चश्मा या लेंस लगाने की सलाह देने वाले ऑप्टोमेट्रिस्ट बनकर आप अपना बेहतरीन करियर बना सकते है | प्रदुषण और असंतुलित खान- पान की वजह से आँखों की समस्या लगातार बढ़ रही है आँखों की देखभाल के लिए लोग मेडिकल टेक्नोलोजी का सहारा ले रहे है| अब नोर्मल फिजीशियन के अलावा… Read More »

विदेशी कंपनियों का भारतीय संस्कृति पर आघात

By | October 22, 2017

हमारे भारत देश में अनेक विदेशी कंपनिया अपने उत्पादन बेच कर हमारे देश की आर्थिक स्थिति पर बड़ा प्रभाव डाल रही है जिसके कारण हमारा विदेश व्यापार घाटा बढता जा रहा है विदेश घाटा का तात्पर्य है की किसी देश में हम किन्ही वस्तुओ का आयात करते है तो इसमें जो राशी लगी उसकी तुलना… Read More »