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बेल पत्र पर लिखें ये तीन शब्द और चढ़ा दें शिव को- आपकी मुंहमांगी इच्छा पूरी होगी ।

हिन्दू धर्म में बेल पत्र का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव जी की पूजा करता है और उन्हें बेल पत्र अर्पित करता है तो भगवान शिव उनकी हर इच्छा पूरी करते हैं।




भगवान शिव पर बेल पत्र क्यों चढ़ाया जाता है

भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित करते समय वो दो शब्द बोलने चाहिए जिनसे भगवान शिव जी आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं, वो दो शब्द आपको बेल पत्र पर लिखकर के भगवान शिव को अर्पित कर देने हैं, ये आप किसी भी दिन या सोमवार के दिन कर सकते हैं।
शंकर पुराण के अनुसार एक बार माता पार्वती के पसीने की बूंद मृन्दचल पथ पर गिर गयी और उससे बेल का पेड़ निकल आया, माता पार्वती के पसीने से बेल के पेड़ का उद्धव हुआ. माना जाता है कि इसमें माता पार्वती के सभी रूप बसते हैं, वह पेड़ की जड़ में गिरिजा के स्वरुप में, इनके तनों में माहेश्वरी के स्वरुप में और पत्तियों में पार्वती के स्वरुप में रहती हैं, फलों में कात्यायनी स्वरूप् में और फूलों में गौरी स्वरुप में निवास करता है.
इन सभी रूपों के अलावा माँ लक्ष्मी का रूप समस्त वृक्ष में निवास करता है. बेल पत्र में माता पार्वती का प्रतिविम्ब होने के कारण इसे भगवान शिव पर चढ़ाया जाता है, भगवान शिव पर बेल पत्र चढ़ाने से वह प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
आप जब भी भगवान शिव के शिवलिंग के ऊपर बेल पत्र अर्पित करें तो उससे पहले आपको उन बेल पत्र को साफ पानी से या गंगाजल से या पंचाम्रत से धो लें, धोने के बाद उसके ऊपर आपको चंदन से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखने के बाद उन बेल पत्रों को आपको भगवान शिव जल्दी ही प्रसन्न होकर आपके ऊपर अपनी कृपा बरसाते हैं, और आपके घर में कभी किसी चीज की कमी नही रहती है।

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