कुछ तो बात है कि अब बात नहीं करते हम !! Latest Hindi Ghazal

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कुछ तो बात है कि अब बात नहीं करते हम,

असर ये है कि अब खुद से मुलाक़ात नहीं करते हम।

उनकी तफ़्तीश गवारा भी नहीं पर उनसे,

बेतकल्लुफ़ भी सवालात नहीं करते हम।

कहेगा ज़माना गरीब हो, बस यही सोचकर,

बेवज़ह आंखों से बरसात नहीं करते हम।

घोंपा था जिसने खंज़र वो रक़ीब नहीं था,

अब अज़ीज़ से बयां हालात नहीं करते हम।

एक अधूरा सा अफ़साना बनाने से डरते हैं,

उनके कूचे में अब रात नहीं करते हम।

जो समझते ही नहीं लबों पे हंसी की एहमियत,

उनसे ज़ाहिर अब अपने जज़्बात नहीं करते हम।

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