एहसास: एक रोमांटिक कविता

By | July 23, 2018

( एहसास )

तू कोई हवा का झोंका है
या मेरे ख्वाबो का झरोखा,
बंद निगाहों में पास होता है
खुली निगाहों में न जाने कहाँ होता,
महसूस करके तुझको जीती हूँ
हर लम्हा तेरे ही सपने संजोती,
साथ तेरे न होने के आंसू पीती हूँ
हर एहसास में तेरे इंतजार जो पिरोती,
ए काश तू आ जाये कहीं से
बनके मेरा नसीब यूँ
मिट जायें सदियों के फासले
जब तू हो करीब यूँ.

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